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सुषमा का इस्तीफा, कभी नहीं !

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रविवार से ख़बरों में सिर्फ सुषमा स्वराज ही हैं, सुषमा पर आरोप लगे हैं कि सुषमा स्वराज ने ललित मोदी की मदद की। ललित मोदी सुषमा की कृपा से लंदन से पुर्तगाल गए और अपनी बीमार पत्नी के साथ रहने के बाद वापस लंदन आ गए !

सुषमा स्वराज ने ललित मोदी की भारत से पुर्तगाल जाने में मदद की होती और पुर्तगाल पहुंचकर मोदी भारत लौटते ही नहीं, तो समझ में आता कि सुषमा ने ललित मोदी को बीमार पत्नी की मदद के नाम पर भारत से फरार करवा दिया। सुषमा के इस्तीफे की जोर शोर से तब मांग होती, तो समझ में भी आता, लेकिन 2014 के आम चुनाव के बाद से ही राजनीतिक ऑक्सीजन तलाश रही कांग्रेस को तो बस मुद्दा चाहिए था। जो सुषमा-ललित मोदी प्रकरण के बहाने कांग्रेस को मिल भी गया! ऐसे में कांग्रेस क्यों बैठे-बिठाए हाथ आए इस मुद्दे को जाने दे भला ? सुषमा-ललित मोदी प्रकरण के बहाने एक साल पूरा कर चुकी मोदी सरकार को घेराबंदा का मौका जो कांग्रेस को मिला है।

लेकिन कांग्रेस की घेराबंदी कारगर होती नहीं दिख रही है, वजह है सुषमा स्वराज का कद! सुषमा स्वराज इस्तीफा देना चाहें भी, तो शायद ही सुषमा का इस्तीफा मंजूर हो। सुषमा स्वराज का इस्तीफा न सिर्फ सरकार को घेरने की कोशिश कर रही कांग्रेस की बड़ी जीत होगी, बल्कि बीते एक साल में बेदाग होने का दम भर रही मोदी सरकार की एक बड़ी राजनीतिक हार होगी! साथ ही इसके बहाने अगले चार साल तक मोदी सरकार पर कांग्रेस निशाना साधते रहेगी!

ऐसे में सुषमा का इस्तीफे की आस लगाए बैठे लोगों की ये मुराद शायद ही पूरी हो पाए। सुषमा की जगह कोई और छोटे कद का मंत्री होता तो शायद ज्यादा दबाव पड़ने पर उससे इस्तीफा ले भी लिया जाता, हालांकि ये भी भाजपा इतनी आसानी से होने नहीं देती। कुल मिलाकर तो फिलहाल यही कह सकते हैं कि राजनीति की पिच पर मोदी सरकार से सुषमा स्वराज का विकेट गिराना कांग्रेस के लिए टेढ़ी खीर ही साबित होता दिख रहा है।

बहरहाल कांग्रेस बाउंसर पर बाउंसर फेंक रही है, लेकिन सरकार, संगठन और संघ के साथ ही कुछ विपक्षी साथी सुषमा की ढ़ाल बनकर मजबूती से सुषमा के साथ खड़े दिखाई दे रहे है। ऐसे में देखना ये रोचक होगा कि एक साल में मोदी सरकार के खिलाफ बमुश्किल हाथ आए इस मुद्दे को कांग्रेस कितने दिन जिंदा रख पाती है।

deepaktiwari555@gmail.com



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7 प्रतिक्रिया

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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

Shobha के द्वारा
June 18, 2015

प्रिय दीपक तर्क संगत लेख

    Deepak Tiwari के द्वारा
    June 22, 2015

    शोभा जी नमस्कार और शुक्रिया

Madan Mohan saxena के द्वारा
June 18, 2015

बेह्तरीन अभिव्यक्ति …!!शुभकामनायें. आपको बधाई आपका ब्लॉग देखा मैने और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये.

    Deepak Tiwari के द्वारा
    June 22, 2015

    मदन मोहन जी नमस्कार और शुक्रिया..जरूर

atul61 के द्वारा
June 18, 2015

सुषमा स्वराज इस्तीफा दें या न दें, श्री मोदी जी इस मामले में मौन सादे रहें. आम मत डाटा को इस बात से कोई फरक नहीं पड़ता, उसको साफ़ समझ में आ रहा है कि कोई भी सरकार हो उसका कोई खैर ख़वाह नहीं है. केवल वादे और वादे अभी तो आगे आगे देखिये और क्या क्या गलत होता है, वसुंधरा राजे के ललित मोदी से संबंध छुपे नहीं हैं.क्या मोदी जी ललित मोदी के तीर से दो छोटी चिड़ियों ( सुषमा स्वराज और वसुंधरा राजे) को राजनैतिक लाभ के लिए निबटा देंगें. याद रखिये चुनाव के बाद सुषमा स्वराज प्रधानमंत्री पद की सशक्त उम्मीदवार की दौड़ में थीं

rameshagarwal के द्वारा
June 16, 2015

जय श्री राम दीपकजी अच्छा लिखा.इस देश में मुद्दों की राजनीती ख़तम हो कर बीजेपी/मोदी विरोध की राजनीती शुरू हो गयी.कांग्रेस,वामदल,लालू,नितीश,आप केवल विरोध की राजनीती कर रहे योग पर क्यों विरोध जिससे देश का नाम ऊंचा हुआ परन्तु सेक्युलर ब्रिगेड बहुत खतरनाक अरनब और दुसरे टीवी चैनल्स पिछले ३ दिनों से इसी पर समाया बर्बाद कर रहे.ये देश का दुर्भाग्य,सुषमाजी ने कोई गलत कार्य नहीं किया.सेक्युलर ब्रिगेड तो पाकिस्तान से भी हमदर्दी रखता है.

    Deepak Tiwari के द्वारा
    June 18, 2015

    रमेश जी नमस्कार औऱ शुक्रिया, सत्य यही है, राजनीति का अब सिर्फ एक ही मंत्र है सत्ता…सत्ता के लिए तो फिर कुछ भी होगा न


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